आलाकमान ने कहा ‘कोई गारंटी नहीं ‘
बीकानेर। संभाग भर के भाजपा विधायकों में इन दिनों बेचैनी बढ़ती दिखाई दे रही है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे विधायकों में बैचेनी भी बढ़ती जा रही है।
इसकी वजह आलाकमान द्वारा उनकी टिकट पर प्रश्नचिन्ह लगाया जाना है। हालांकि पार्टी आलाकमान ने यह प्रश्नचिन्ह पूरे प्रदेश के विधायकों के टिकट पर खड़ा किया है लेकिन हर भाजपा विधायक उस दायरे में स्वयं को खड़ा करके देख रहा है। पार्टी आलाकमान के इस प्रश्नचिन्ह के बाद से ही विधायकों में बैचेनी बढ़ गई है।
भाजपा विधायकों के समर्थकों में इस बात को लेकर चर्चा होनी भी शुरू हो गई है। विधायकों के समर्थक अपने-अपने नेता के समर्थन आमजन के बीच पहुंचने लगे हैं। क्षेत्रवासियों की छोटी से छोटी समस्या के निस्तारण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों व निकायों के पदाधिकारियों को फोन करने लगे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में संभाग की 24 सीटों में से 17 सीटों पर भाजपा विधायकों ने जीत हासिल की थी। बीकानेर पूर्व क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला, हनुमानगढ़, भादरा, संगरिया, नोहर, पीलीबंगा, सूरतगढ़, अनूपगढ़, सादुलशहर, करणपुर, तारानगर सहित कई विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी लेकिन इस बार उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं, इस बारे में कोई निश्चित तौर पर कुछ कह पाना संभव नहीं है, मगर भाजपा आलाकमान ने पार्टी के मौजूदा विधायकों को टिकट कटने के संकेत दे दिए हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने हाल ही में कोटा में टिकट वितरण को लेकर जो बयान दिए थे, वे इन दिनों सोशल साइट्स पर वायरल हो रहे हैं। इस बयान में सैनी ने कहा है कि काम के आधार पर ही टिकट का बंटवारा किया जाएगा।
जरूरी नहीं कि मौजूदा विधायकों को टिकट मिले। सैनी ने कहा था कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे स्वयं मौजूदा विधायकों के काम-काज का हिसाब रख रही हैं। कोई गारंटी नहीं कि पिछली बार जीते विधायकों को वापस टिकट दिए जाएं। काम के हिसाब से ही टिकटें तय की जाएंगी और अगले चुनाव में युवा नेताओं का खास ध्यान रखा जाएगा।











