गोशालाओं में लगाए जाएंगे बायोगैस प्लांट

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मुख्यमंत्री ने की थी बजट में घोषणा

बीकानेर। गोशालाओं को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब वहां बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के मुताबिक प्रदेश में 25 गोशालाओं मेंं बायोगैस प्लांट लगाए जाने की योजना है।

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.अशोक विज ने बताया कि नियमों को पूरा करने वाली 25 गौशालाओं में 100 घन मीटर या अधिक क्षमता के बायोगैस प्लांट सरकार की ओर से लगाए जाएंगे।

गौशाला बायोगैस सहाभागिता योजना के तहत सरकार, प्लांट तैयार करने के लिए 50 फीसदी हिस्सा राशि या अधिकतम 40 लाख रुपए गौशालाओं को देगी। प्लांट लगाने के बाद गौशाला को 10 साल तक प्लांट संचालन करने का शपथपत्र देना होगा। आवेदन करने वाली गौशालाओं का प्रदेश स्तर पर मूल्यांकन अंकों के आधार पर चयन किया जाएगा।

प्लांट लगाने के लिए रहेगी यह पात्रता

डॉ. विज ने बताया कि गौशालाओं के पास स्वयं के स्वामित्व की 25 बीघा जमीन या सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त लीज (न्यूनतम 20 वर्ष) की भूमि उपलब्ध हो। गौशाला द्वारा कम से कम 1 हजार गौवश का संधारण किया जाता हो। गौशाला में संयंत्र संचालन के लिए आवश्यक मात्र में गोबर व पानी उपलब्ध हो। गौशाला का पंजीयन दिनांक 31 मार्च-2016 को या इस से पहले हो, जो निरन्तर संचालित हो।

राजस्थान गौशाला अधिनियम-1960 के अधीन पंजीकृत गौशालाएं, संस्थाएं तथा ऐसी गौशालाएं जिनके विरूद्ध कोई वित्तीय अनियमितता, गबन का प्रकरण विचाराधीन न हो, इसके आवेदन के लिए पात्र होंगी। उन्होंने बताया कि पात्र गौशालाएं संयुक्त निदेशक कार्यालय से आवेदन फार्म प्राप्त कर जिला कलक्टर कार्यालय में जमा करवा सकेंगे।

 

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