काबू में नहीं आ रहे वाहन चोर

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चोरी के वाहन बरामदगी में पुलिस सुस्त

बीकानेर। पुलिस प्रशासन के लाख जतन के बाद भी शहर में वाहन चोरी की वारदातों में कमी नहीं आ रही है। शातिर चोर अपने कारनामों से पुलिस को छका रहे हैं। पिछले एक पखवाड़े में डेढ़ दर्जन से ज्यादा वाहन चोरी हो चुके हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन समय-समय पर वाहन चोरों को पकड़ता रहता है और उनसे चोरी किए गए वाहनों की बरामदगी भी करता है लेकिन चोरी हुए वाहनों की बरामदगी के आंकड़े अपेक्षाकृत कम दिखाई देते हैं।

वाहन चोरी होते ही जो वाहन बरामद हो जाएं उसका आंकड़ा तो ठीक है लेकिन पुरानी वारदातों में बरामदगी का ग्राफ काफी नीचे है।

गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले सदर थाना पुलिस एक नाबालिग सहित तीन जनों को वाहन चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया और उनसे पिछले एक वर्ष में चोरी की गई 23 बाइक्स बरामद कर ली लेकिन इन वाहन चोरों से पिछले डेढ़ या दो वर्ष पहले चोरी हुए वाहनों की बरामदगी नहीं हुई।

इससे पहले पांचू थाना पुलिस ने भी तीन को और श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने भी वाहन चोरों को गिरफ्त में लेकर उनसे तकरीबन तीन दर्जन से ज्यादा चोरी किए वाहनों की बरामदगी की थी। लेकिन बरामद हुए ये सभी वाहन ताजा वारदातों के थे। ऐसे में यहां सवाल यह खड़ा होता है कि पिछले दो-तीन या इससे ज्यादा वर्षों में चोरी हुए वाहन कहां गायब हो गए। उन वाहन मालिकों को पुलिस ने क्या जवाब दिया। पुलिस कार्यशैली की हकीकत यह है कि चोरी हुआ जो भी वाहन है वह बरामद हो गया तो उसके मालिक की अच्छी तकदीर और जो वाहन काफी समय बीत जाने के बाद भी बरामद नहीं हो तो उस वाहन के मालिक के प्रतिकूल।

सीसी कैमरों से मिलेगी मदद

शहर में लगाए जा रहे सीसी कैमरों से पुलिस को काफी मदद मिलने की उम्मीद है। शहर के भीड़ भरे इलाकों, बाजारों सहित अन्य सभी प्रमुख चौराहों व सड़कों पर लगाए जा रहे सीसी कैमरे चौबिसों घंटे ऑन रहेंगे और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे। ऐसे में वाहन चोरों पर काबू पाने में पुलिस प्रशासन को काफी मदद मिल सकती है।

शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पनप रहे वाहन चोर

सामान्य तौर यह देखने में आ रहा था कि वाहन चोर मुख्यतया शहरी ही होते थे। लेकिन पिछले एक वर्ष में पुलिस द्वारा पकड़े गए वाहन चोरों में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के बाशिन्दें निकले। ऐसे में पुलिस ने वाहनचोरों से पूछताछ की तो यह सामने आया था कि ग्रामीण क्षेत्रों से वे बस से यहां आते थे और बैंकों, कचहरी परिसर, पीबीएम हॉस्पीटल परिसर, रेलवे स्टेशन रोड सहित अन्य बाजारों से वाहन चोरी कर ले जाते थे।

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