बीकानेर पुलिस की बड़ी कामयाबी
एशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए करते थे ठगी
ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान को पकड़ा बीकानेर पुलिस ने
Bikaner / thenews.mobilogicx.com
हाईप्रोफाइल जिंदगी जीने के शौकिन ठगी करने वाले तीन आरोपियों को बीकानेर की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एशो-आराम की जिदगी जीने के लिए, एसयूवी गाडिय़ां, महंगे मोबाइल पाने की चाह ने उक्त आरोपी लूट की राह पर चलने लग गए। बीकानेर के एक व्यक्ति से ठगी करने पर जब मामला पुलिस के सामने आया तो बीकानेर पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तफ्तीश शुरू कर दी तथा एक टीम गठित कर उक्त ठगियों को पकडऩे में जुट गई।
पुलिस
से मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2018 को सदर थाने में बीकानेर के सतीश पांडे ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि सन् 2009 में बजाज एलाइन्स लाइफ इन्श्योरेन्स कम्पनी की 60 हजार रुपए की पॉलिसी ली थी, एजेंट द्वारा बताया गया कि ये पॉलिसी दस साल की है व हर साल साठ हजार रुपए जमा करवाने हैं।
प्रार्थी ने बताया कि 2013 में उसके पास कॉल आई जिसमें व्यक्ति ने अपना नाम प्रेमचन्द नागा जो अपने आपको वित्त विभाग दिल्ली का अधिकारी बता रहा था। उसने कहा कि उक्त खाता नम्बरों मं आप अपनी पॉलिसी की राशि जमा करवा देवें। आप को अपनी पॉलिसी की जमा राशि व ब्याज सरकार द्वारा जमा करवा दिए जाएंगे।
इस प्रकार 2013 से 2018 तक अलग-अलग नामों से फोन आने लगे और मैं उनके झांसे में आकर ठगी का शिकार हो गया और जो उनके द्वारा बताए गए खातों में लगभग 55 लाख रुपए जमा करवा दिए। उक्त प्रकरण को 26१/२०१८ धारा 420, 406 आईपीसी में पंजीबद्ध कर अनुसंधान उपनिरीक्षक गौरव खिडिय़ा ने कार्यवाही शुरू करते हुए सदर थानाधिकारी मुकेश कुमार सोनी, ऋषिराज सिंह, साइबल सेल के दीपक यादव की टीम ने मामले का खुलासा किया।
उपनिरीक्षक गौरव खिडिय़ा ने बताया कि आरोपियों से 23 मोबाइल, दो लेपटॉप, एक एसयूवी महिन्द्रा फोर व्हीलर गाड़ी व लगभग 20 लाख रुपए आरोपियों के खातों में फ्रीज करवाए गए व ठगी की वारदात में प्रयुक्त दस्तावेज प्राप्त किए।
साइबर सेल के दीपक यादव ने बताया कि उक्त आरोपी सीनियर सिटीजन लोगों को व महिलाओं को बीमा के लाभांश का झांसा देकर उनसे ठगी करते थे और उनसे किश्तों में रुपए अपने खातों में जमा करवा लेते और नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने चिह्नित खातों में रुपए ट्रांसफर कर लेते थे।
सदर थानाधिकारी ऋषिराजसिंह ने बताया कि सभी आरोपी नवयुवक हैं और हाइप्रोफाइल स्टाइल जीने के लिए इस तरह की वारदात करने लग गए तथा लम्बे समय से लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे थे। ऋषिराज सिंह ने बताया कि प्रकरण दर्ज होने से आरोपियों क गिरफ्तार होने तक उपनिरीक्षक गौरव खिडिय़ा, उपनिरीक्षक अजय कुमार, दीपक यादव की टीम का सक्रिय योगदान रहा।
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