तहसीलदार कार्यालय में कार्यालय सहायक पद पर कार्यरत था आरोपी
बीकानेर। तहसीदार कार्यालय में एक कार्यरत वरिष्ठ लिपिक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने 13 सौ रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया। एसीबी टीम ने आरोपी कर्मचारी के पास से रिश्वत की राशि बरामद की।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर रेंज की पुलिस अधीक्षक ममता राहुल ने बताया कि ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया के नेतृत्व में ये कार्रवाई की गई है। रिश्वत लेता पकड़ा गया आरोपी गोपेश्वर बस्ती निवासी नन्दलाल देवड़ा है। यह तहसीलदार कार्यालय में कार्यालय सहायक के पद पर तैनात है।
नापासर में रहने वाले वीरेन्द्र पांडिया ने ब्यूरो में शिकायत की थी कि तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत नन्दलाल देवड़ा हैसियत प्रमाण पत्र बना कर देने के लिए 18 सौ रुपए की रिश्वत मांग रहा है। पहले उसने इस काम की एवज में 2 हजार रुपए परिवादी पांडिया से मांगे थे लेकिन बाद में सौदा 18 सौ में तय हो गया।
इसके बाद 29 जून को एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया था। जिसमें दो जुलाई को रिश्वत राशि देना तय हुआ। आज सुबह एएसपी ने परिवादी को पहले 5 सौ रुपए देकर कार्यालय सहायक देवड़ा के पास भेजा। उसने पांच सौ रुपए रख लिए और बाकि की रिश्वत राशि 13 सौ रुपए दोपहर बाद लाने को कहा।
ब्यूरो ने 13 सौ रुपए के नोट देकर परिवादी को आरोपी की ओर से बुलाए गए समय पर तहसीलदार कार्यालय भेजा। जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की राशि उसे दी वैसे ही ब्यूरो की टीम ने कार्यालय सहायक नन्दलाल देवड़ा को रंगेहाथों पकड़ लिया। एसीबी की टीम ने आरोपी की पेंट की जेब से रिश्वत की 13 सौ रुपए की राशि बरामद की। साथ ही उसे सुबह दी गई रिश्वत की राशि पांच सौ रुपए भी उसके पास से बरामद कर लिए।
फिलहाल आरोपी एसीबी की गिरफ्त में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार, अशोक श्रीमाली, नरेन्द्र कुमार, मंगलदास, गिरधारीदान, अनिल कुमार, राजेन्द्र कुमार भी शामिल थे।











