रहे निर्जल, किया व्रत, चला दान-पुण्य का दौर

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भक्तिभाव से मनाई जा रही निर्जला एकादशी

बीकानेर। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी आज बीकानेर सहित प्रदेशभर में भक्तिभाव से मनाई जा रही है। आस्था के चलते दिन भर दान-पुण्य का दौर चला और श्रद्धालुओं ने निर्जल रह कर व्रत किया।

मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने शक्कर युक्त जल से भरे मिट्टी के घड़े, आम, खरबूजे, पंखी आदि सामान ठाकुर जी को अर्पित किए और पूजन किया। साथ ही इन वस्तुओं का वांछित लोगों में दान-पुण्य भी किया गया। शास्त्रों के अनुसार निर्जला एकादशी वर्ष भर की 24 एकादशियों में से सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी वजह से लोग इस दिन निर्जल रह कर व्रत करते हैं।

लक्ष्मीनाथ मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का तांता

नगर सेठ लक्ष्मीनाथजी के मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दोपहर तक भी श्रद्धालुओं की कतार लगी नजर आई। श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धानुसार विभिन्न प्रकार के पदार्थ ठाकुर जी को अर्पण किए। वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर व्यवस्था समिति की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई।

मंदिर परिसर में विभिन्न संस्थाओं की ओर से लोगों के लिए शीतल पेय, आइसक्रीम, मेंगोशेक, नींबूपानी आदि की व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में पुलिस भी पूरी तरह से चाक-चौबन्द रही।

इसी प्रकार शहर के अन्य देवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। शहर में जगह-जगह शर्बत, गन्ने का रस, लस्सी, ठण्डाई आदि की स्टालें लगाकर लोगों की सेवा की गई।

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