जेल से ऑपरेट कर रहे गैंग
बीकानेर। आनन्दपाल के एनकाउंटर के बाद प्रदेश की पुलिस की परेशानी कुछ हद तक कम जरूर हुई थी, लेकिन अब फिर से परेशानी बढ़नेे लगी है।
दरअसल, आनन्दपालसिंह के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसकी गैंग के ज्यादातर गुर्गों को दबोच लिया था, जो पुलिस गिरफ्त से बाहर रह गए वो दूसरे राज्यों में निकल भागे थे। लेकिन अब बताया जा रहा है कि आनन्दपाल की गैंग के गुर्गों को नया आका मिल गया है। ये नया आका है प्रदेश की जोधपुर जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई।
पिछले दिनों जब एसओजी ने जयपुर के झोटवाड़ा में बड़ी गैंग पकड़ी थी, उससे पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है। अब इस खुलासे के बाद पुलिस और जेल के अधिकारियों की परेशानियां बढ़ी हुई नजर आ रही हैं।
पंजाब, हरियाणा और यूपी भाग गए थे बदमाश
पिछले महीने के अन्त में एसओजी ने झोटवाड़ा क्षेत्र में डकैती की वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रही बड़ी गैंग के सात बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इनकी नजर में पांच करोड़ रुपए का सोना था, जिसे लूटने की ये लोग पूरी तैयारी कर चुके थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने इन्हें दबोच लिया। इनमें हरियाणा के दो वांटेड अपराधी भी शामिल थे।
इन बदमाशों ने पूछताछ के दौरान एसओजी को बताया कि पिछले साल जब आनन्दपाल का एनकाउंटर हुआ था तब शेखावाटी क्षेत्र में काफी सख्ती हो गई थी। तब आनन्दपाल की गैंग से जुड़े ज्यादातर बदमाशों ने हरियाणा, यूपी और पंजाब में शरण ली थी। जैसे-जैसे पुलिस की सख्ती कम हुई, ये बदमाश फिर से राजस्थान आने लगे और इन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ज्वाइन कर लिया।
वर्तमान में पुलिस का मानना है कि लॉरेंस गैंग हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सक्रिय है। शेखावाटी और मारवाड़ क्षेत्र में इनका वर्चस्व बढ़ता जा रहा है।