वर्तमान में 12 जिलों में चलेगा यह प्रोजेक्ट
जयपुर/बीकानेर। गायों और ऊंटों के बाद प्रदेश की सरकार ने बकरियों के दूध और उसके उत्पादों के उत्पादन में आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
इस प्रोजेक्ट के तहत, ग्रामीण महिलाओं से बकरी का दूध, बकरी के दूध का पाउडर, चीज, फ्लेवर्ड मिल्क और साबुन का भी उत्पादन करवाया जाएगा और इन्हें बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बेचा जाएगा।
वर्तमान में यह प्रोजेक्ट 12 जिलों में चलेगा और इसमें 12 हजार महिलाएं शामिल होंगी। वर्ल्ड बैंक ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 85 करोड़ रुपए उपलब्ध कराएं हैं जो कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में काम आएंगे। सरकार ने कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत इन महिलाओं के समूह के पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इसे ‘बकरी किसान उत्पादन कंपनी’ कहा जाएगा।
यह योजना राजस्थान कृषि प्रतिस्पर्धात्मकता परियोजना (आरएसीपी) देखेगा। आरएसीपी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ओम प्रकाश के मुताबिक बकरी के दूध में कई पौष्टिक गुण हैं और भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक है। राजस्थान राष्ट्रीय शेयर का 35 प्रतिशत उत्पादन करता है।
इस प्रोजेक्ट के तहत, किसान को चार बकरियां दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए पोषक तत्वों की खुराक दी जाएगी।
बकरियों को टीका लगाने के लिए महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा और शुरूआती चरण में किसी भी बीमारी का पता लगाने के लिए मेडिकल किट प्रदान की जाएगी।
वर्तमान में भारत में रोजाना पचास लाख टन बकरी के दूध का उत्पादन होता है। बकरी के दूध में पाचक तत्व, मध्यम व छोटे फैटी एसिड्स और अन्य घटक होते हैं। इसलिए यह बच्चों के लिए फायदेमंद है। फिलहाल गोट मिल्क चीज 2 हजार रुपए और साबुन 200 रुपए में बिक रहा है।