मानसून से पहले सक्रिय हुए सटोरिये

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सटोरिये
 मुम्बई तक चल रहे हैं बरसाती सट्टे के दौर

बीकानेर। मानसून अभी सक्रिय नहीं हुआ है लेकिन बरसाती सट्टे को लेकर सटोरिये जरूर सक्रिय हो गए हैं। बीकानेर से लेकर मुम्बई तक बरसात के सट्टे का दौर जारी हो गया है। यहां परंपरागत रूप से अनुमान लगाकर बारिश का सट्टा किया जा रहा है जबकि मुम्बई जैसे महानगर में क्रिकेट पर सट्टा खेलने वाले सटोरिये मानसून पर दावं लगाने से भी नहीं चूक रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक आने वाले तीन-चार दिनों में बीकानेर में बारिश के अनुमान पर एक के दस रुपए के भाव दिए जा रहे हैं।

जब से देश मेंं मानसून के सक्रिय होने की खबरें आनी शुरू हुई हैं, यहां बरसात पर सट्टा लगाने के शौकीनों में मानसून से ज्यादा सक्रियता देखी जा रही है।

परकोटे के भीतर चायपट्टी, जस्सूसर गेट, नत्थूसर गेट, कसाई बारी, गंगाशहर, भीनासर सहित अन्य क्षेत्रों में सुबह होते ही सटोरिये पहुंचना शुरू हो जाते हैं। सब अपने-अपने अनुमान लगाते हैं। आज बारिश होगी या नहीं? होगी तो कितनी होगी? आने वाले दिनों मेंं बरसात के क्या हाल रहेंगे? ऐसे ही अनुमानों पर सट्टा लगने लगा है।

गौरतलब है कि मानसून का सट्टा एक मात्र ऐसा जुआ है, जिसकी फिक्सिंग नहीं हो सकती। इसका कोई सटीक पुर्वानुमान भी नहीं लगाया जा सकता है। फिर भी लोगों का रुझान इस तरफ बना हुआ है।

अनुमान के मुताबिक करोड़ों रुपए का सट्टा

सटोरियों ने इस साल बीकानेर सहित संभाग में होने वाली बरसात पर करीब 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का सट्टा लगा है। सटोरियों के तय किए गए भाव को सही मानें तो इस साल सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद लगाई जा रही है। सटोरियों को उम्मीद है कि मानसून की अनिश्चितता उनके लिए पैसों की बरसात करेगी।

सटोरियों ने इस बात पर सट्टा लगाया है कि पूरे मानसून के दौरान कितनी बरसात होगी। मानसून यहां कब दस्तक देगा, जून महीने में किस तारीख को कितनी बरसात होगी। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस साल देश भर में सामान्य कुछ ज्यादा बारिश होगी। इस बार बरसात के लिए रेट 45 पैसे से एक रुपए 50 पैसे तक है। अनुमान से कम बारिश होने पर 70 पैसे का भाव तय किया गया है।

बारिश अनुमान के मुताबिक सामान्य बरसात पर 75 पैसे का भाव है। जबकि अनुमान से ज्यादा बरसात होने को लेकर 60 पैसे का भाव है। पुलिस से बचने के लिए ज्यादातर सटोरिए मोबाइल पर कोडवर्ड में ही अपने सौदे कर रहे हैं।

ज्यादातर सट्टा ऑनलाइन और फोन पर लगाया जाता है। इसलिए सटोरियों को इससे कोई परेशानी नहीं होगी। राज्य में पिछले कई वर्षों से सूखे जैसी स्थिति है। पिछले साल कई राज्यों में कम बारिश हुई थी। सूखा पीड़ित इलाकों के किसान ही नहीं सटोरिए भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

दिल्ली, मुंबई, जयपुर, गुआहाटी, कोलकाता, भोपाल, इंदौर बारिश के सट्टे में मुख्य केंद्र हैं। दुबई, कराची, लंदन समेत कई विदेशी ठिकानों से भी बड़ी मात्रा में बारिश का सट्टा लगता है।

किशोर और युवा वर्ग भी है शामिल

शहर के कई इलाकों में बाहर से आकर लोग सट्टा पर्ची कर रहे हैं। सट्टे की खाइवाली करने वाले और सट्टा लगाने वालों पर पुलिस हाथ डालने से कतरा रही है। समाज के लिए नासूर बन चुकी इन कुरीतियों के जंजाल में भावी पीढ़ी भी शामिल होती जा रही है।

जानकारी के मुताबिक बहुत से श्रमिक ऐसे हैं जो घर से मजदूरी करने के लिए निकलते हैं लेकिन सट्टे के चक्कर में वे मजदूरी तो खराब करते ही है शाम तक उन पर कर्जा भी हो जाता है और शाम को उनके घरों में चुल्हें तक नहीं जल पाते हैं।

किशोरावस्था और युवा वर्ग के इस काले कारोबार में शामिल होना सभी के लिए चिन्ताजनक है, मगर अफसोस इस बात का है कि स्वार्थ सिद्ध करने को प्राथमिकता देकर पुलिस समाज में गंदगी फैलानों वालों के खिलाफ सख्त होती नजर नहीं आ रही हैं।

 

 

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