राज्य की महिला कर्मचारियों को अब 2 साल की चाइल्ड केयर लीव

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18 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल के लिए मिली राहत

बीकानेर। चुनावी वर्ष की वजह से राज्य सरकार ने भी अपना पिटारा खोल दिया है। पहले पुरूष राज्य कर्मचारियों को कई सौगातें दी और अब महिला राज्य कर्मचारियों के लिए भी नजराना पेश कर दिया है। सरकार ने महिला कर्मचारियों को दो वर्ष की चाइल्ड केयर लीव दिए जाने के आदेश दिए हैं जिसमें कई अहर्ताएं भी रखी गई हैं।

राजस्थान सेवा नियम-1951 में नया नियम 103 सी चाइल्ड केअर लीव जोड़ा गया।

महिला राज्य कर्मिकों को पूरे सेवाकाल में कुल अवधि 730 दिन अर्थात 2 वर्ष के लिए देय होगा। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। चाइल्ड का तात्पर्य उसकी आयु 18 वर्ष से कम हो। 40 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांगता की स्थिति में 22 वर्ष तक चाइल्ड माना जाएगा। यह सवैतनिक अवकाश होगा। अवकाश से पूर्व जो वेतन है मिलता रहेगा। इसे अन्य किसी भी अवकाश के साथ लिया व जोड़ा जा सकता है।

इस अवकाश के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी अनुमोदित प्रारूप में आवेदन करना होगा। चाइल्ड केअर लीव अधिकार नही है। बिना पूर्व स्वीकृति के नहीं लिया जा सकेगा। अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मिकों को यह अवकाश देय नही होगा। विपरीत परिस्थिति में अन्य अवकाश उपलब्धता की स्थिति में उन अवकाशों को चाइल्ड केअर लीव में परिवर्तित किया जा सकेगा। इस अवकाश को अन्य अवकाश लेखों में से नहीं घटाया जा सकेगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फॉर्म में इन अवकाशों को संधारित किया जाएगा। तथा ये फॉर्म सेवा पुस्तिका में चिपकाया जाएगा।

राज्य सरकार विभाग के कार्य प्रभावित न हो ऐसी स्थिति में ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। एक कलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन बार ये अवकाश लिया जा सकेगा। किन्तु अवकाश के दौरान दो कलेंडर वर्ष मिलने पर इसे नही लिया जा सकेगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो जिस कलेंडर वर्ष में अवकाश शुरू हुआ है। उसमें इसे गिना जाएगा।

प्रोबेशनर्स को यह अवकाश देय नही होगा। फिर भी कोई लेता है तो उसका प्रोबेशन अवकाश अवधि के बराबर आगे बढ़ाया जाएगा। यह अवकाश उपार्जित अवकाश की भांति ही ट्रीट होगा तथा उसी प्रकार स्वीकृत किया जा सकेगा।

इस अवकाश के क्रम में आने वाले रविवार व सार्वजनिक अवकाश गिने जाएंगे।

विकलांग बच्चों के लिए ये अवकाश लेने पर सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही स्वीकृत किया जा सकेगा। बच्चे के बीमार होने पर व बाहर रहने की स्थिति में डॉक्टर के प्रमाण के आधार पर ये अवकाश लिया जा सकेगा।

बच्चे की परीक्षा होने पर भी यह अवकाश लिया जा सकेगा। यदि बच््चा होस्टल में रहता है तो महिला कार्मिक को यह तथ्य प्रस्तुत करना होगा कि होस्टल में आपकी केअर की जरूरत कैसे है। इसका प्रमाण प्रस्तुत करने पर ही हॉस्टलर्स बच्चे के लिए ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।। इस बारे में वित्त विभाग ने अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं।

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