15 घंटों में 191 किमी का पैदल सफर : उदयरामसर के युवाओं ने रामदेवरा में फहराई डाक ध्वजा

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बीकानेर। लगन व हौसले का परिचय देते हुए उदयरामसर के युवकों ने 15 घंटे मेंं उदयरामसर से रामदेवरा तक डाक ध्वजा पहुंचा कर कीर्तिमान रच दिया।

उदयरामसर के कुलदीप यादव ने बताया कि 26 अगस्त को नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका व ग्रामवासियों ने 45 युवकों के दल को बाबा रामदेव की डाक ध्वजा के साथ रवाना किया। यादव ने बताया कि ये युवक 23 घंटे का लक्ष्य लेकर चले थे लेकिन बाबा के आशीर्वाद और युवाओं के उत्साह से मात्र 15 घंटों में ही रामदेवरा पहुंच कर कीर्तिमान रच दिया है। इन पदयात्रियों ने 26 अगस्त शाम 5.50 बजे प्रस्थान किया और दूसरे दिन सुबह 8.45 बजे रामदेवरा पहुंच गए।

न्यास अध्यक्ष महावीर रांका ने कहा कि आस्था व विश्वास के साथ डाक ध्वजा थामे युवक उत्साह से लबरेज थे।

इस यात्रा में 45 युवा–जिनमें डूंगरमल शर्मा, प्रवीण यादव, शेखर पुरोहित, अनिल यादव, यशराज यादव, विक्की यादव, अरुण यादव, मदन सारड़ा, पवन छींपा, ललित साध, महावीर छींपा, पप्पू यादव, संदीप यादव, जेपी यादव, प्रदीप यादव, कालू शर्मा, रमेश डिडवानियां, राजकुमार पुरोहित, टिंकू पुरोहित, प्रहलादसिंह, ओम सिंह, भैंरू शर्मा, उदयसिंह, राधेश्यामनाई, मदन सियाग, विकास नाई, पप्पू रेगर, राजेश छींपा, ओम छींपा, नन्दलाल गहलोत (अध्यक्ष मित्र मण्डल सेवा समिति), रणवीरसिंह कूकना (सहसंयोजक), मघाराम सियाग, भँवर कड़वासरा , नरूसिंह, रामनिवास गोदारा, प्रभु भा, जयपाल सिंह, हरिराम, बुधराम सियाग, रामचन्द्र सियाग तथा घासीराम शामिल थे जिन्होंने अन्य युवा साथियों ने सहयोग किया।

क्या है डाक ध्वजा

डाक ध्वजा का सीधा सा अर्थ यह है कि एक व्यक्ति ध्वजा को थाम कर दौड़ते हुए अथवा तेज गति से रवाना होता है और उसके साथी बाइक अथवा अन्य किसी माध्यम से उसके साथ चलते रहते हैं। जब भी वह व्यक्ति दौड़ते हुए थक जाता है तो दूसरा साथी उस ध्वजा को थाम लेता है और दौड़ना शुरू कर देता है। यादव ने बताया कि इस तरह ध्वजा थामने के क्रम में 45 युवकों ने बारी-बारी से सहयोग किया।

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