बीकानेर। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सौजन्य से जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर द्वारा 16 से 31, जुलाई 2018 तक के स्वच्छता पखवाड़े का आगाज रविवार को विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम से किया।
यह बात प्रौढ़ शिक्षण समिति के स्वर्ण जयंति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जन शिक्षण संस्थान के वाइस चैयरमैन अविनाश भार्गव ने कही। उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व में सबसे अधिक युवाशक्ति वाला देश है। इसी के साथ यह भी सत्य है कि हमारे देश में युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की है। बेरोजगारी के इस विकट दौर में युवाओं के सामने आत्मनिर्भरता प्राप्त करना बहुत मुश्किल हो रहा है। ऐसी स्थिति में युवाओं को मात्र सरकारी नौकरी पाने की ललक में नहीं रहकर अपना रूझान व्यावसायिक कौशल प्राप्त कर रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की ओर करना चाहिए। क्योंकि हुनर की शक्ति से ही बेरोजगारी से मुक्ति मिल सकती है।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध मंडल सदस्य भवानी सोलंकी ने कहा कि युवाशक्ति व्यावसायिक कौशल का महत्व समझें और अपनी रूचि का काम सीखें साथ ही दूसरे युवाओं को भी प्रेरित करें। जन शिक्षण संस्थान के निदेशक रामलाल सोनी ने कहा कि इस स्वच्छता पखवाड़े के माध्यम से हमें आमजन में स्वच्छता के प्रति एक उत्तदायित्व की जागरूकता संचारित करनी है।
राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, बीकानेर के विवेक शर्मा ने आरएसएलडीसी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित वहिदा खातून, हरिया तंवर, शांति भंडारी आदि ने युवाओं की ओर से अपनी बात में झिझक छोड़कर स्वच्छता के लिए अपना उत्तरदायित्व निर्वाह करने की बात कही। कार्यक्रम में महेश उपाध्याय, आनंद पुरोहित, ओमप्रकाश सुथार, तलत रियाज, उमाशंकर आचार्य की सक्रिय भूमिका रही।