बीकानेर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज श्रावण के आखिरी सोमवार को शिवबाड़ी मेले के उपलक्ष्य में जैन और सनातन संस्कृति का संगम देखने को मिला। भगवान पार्श्वनाथ की सवारी, पंच कल्याणक पूजा व सामूहिक प्रसाद का आयोजन हुआ। लालेश्वर महादेव का बेशकीमती सोने, हीरे, माणक मोती के बेशकीमती आभूषणों से शृंगार किया गया। जैन व सनातन धर्म के आमने-सामने के इन मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता देखा गया।
श्री सुगनजी महाराज उपासरा ट्रस्ट व्यवस्था समिति के तत्वावधान में सकल जैन समाज के सहयोग से निकली भगवान पार्श्वनाथ की शोभायात्रा का परम्परानुसार स्वामी संवित् सोमगिरिजी ने भेंट चढ़ाकर वंदना की। सवारी गाजे बाजे के साथ शिवबाड़ी तालाब तक पहुंचकर वापस भगवान पार्श्वनाथ मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में श्रावक-श्राविकाएं जयकारा लगा रहे थे।
समिति के हस्तीमल धारीवाल ने बताया कि जैन श्वेताम्बर खतरगच्छ संघ की साध्वी संयमपूर्णा की शिष्या साध्वी श्रद्धानिधि के सान्निध्य में भगवान पार्श्वनाथ की पंच कल्याणक पूजा की गई जिसमें विचक्षण महिला मंडल, वर्द्धमान नवयुवक मंडल आदि ने भक्ति गीत पेश किए।
उन्होंने बताया कि साध्वीश्री चन्द्रप्रभा के सान्निध्य में वर्ष 2013-14 में शुरू हुआ भगवान पार्श्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य प्रगति पर है। करीब 45 फीट ऊंचे इस मंदिर में मकराने से जैन वास्तुकलानुसार पत्थरों की घड़ाई करवाकर मंगवाया गया है।
बंगलानगर स्थित मैढ़ क्षत्रिय समाज के अजमीढ़ेश्वर महादेव का विशेष अभिषेक
इस अवसर पर श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज बगीची मोक्षधाम के अध्यक्ष विजयराज डावर, सचिव झंवरलाल धूपड़, बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व महाप्रबंधक डॉ.आरके सोनी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण, शिव की स्तुतियों व स्तोत्रों से वेदपाठी ब्राह्मणों ने अभिषेक करवाया।











