बीकानेर। अपने लिए तो हर कोई मकान व आलीशान बंगले बनवाता है लेकिन जो प्रभु के मंदिर का निर्माण करता है वह पुण्य का कार्य करता है। यह बात बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने शनिवार को श्री कान गणेश मंदिर के हो रहे जीर्णोद्धार आयोजन में कही।
आयोजन से जुड़े अरुण करनाणी ने बताया कि भूमि पूजन जुगल राठी व डीपी पच्चीसिया ने किया। उन्होंने बताया कि इस मंदिर में हर बुधवार को सैकड़ों श्रद्धालु दर्शनार्थ आते हैं। इसीलिए इसे भव्य रूप देकर दर्शनार्थियों के लिए सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भूमि पूजन के अवसर पर सुरेश सिंघी, जतन चौपड़ा, बालकिशन थिरानी, रामधन डागा, जितेन्द्र भंसाली, गोपाल चलवा, सावन पारीक सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
कान में कहने से पूरी होती मनोकामना :
पुजारी श्यामसुंदर गहलोत ने बताया कि कान गणेश की विशेषता यह है कि यहां के गणेश विग्रह के कान में फुसफुसा कर मन्नत मांगता है तो उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है व समस्या का निवारण होता है।
लगभग 120 वर्ष पुराने इस मंदिर में भक्तों की गहरी आस्था है हर बुधवार को यहां भक्तों की कतार लगी रहती है।