गहलोत ने एक बयान में कहा कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें बढ़ने से स्वाभाविक रूप में महंगाई बढ़ती है और आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने कि सीधा असर आम नागरिक झेलने को मजबूर होता हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी उस दौर में पेट्रोल व डीजल की दरों को लेकर यूपीए सरकार को कोसते नहीं थकते थे जब अन्तरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के भाव आसमान को छू रहे थे। आज जब क्रूड ऑयल की दरें अपेक्षाकृत काफी कम है, इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की दरों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं।
श्री गहलोत ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय दाम बढ़ने पर महंगाई कम करने के लिए प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर में कमी तथा रसोई गैस पर सब्सिडी देकर आम जन को राहत प्रदान की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार पहले ही पेट्रोल व डीजल पर एक्साईज ड्यूटी कम नहीं करने का फैसला कर चुकी है और दूसरी ओर भाजपा शासित राजस्थान सहित अन्य राज्य सरकारों ने भी आमजन को राहत प्रदान करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। देश ही नहीं प्रदेश की जनता भी महंगाई कम करने का वादा कर सत्ता में आई केन्द्र व राजस्थान सरकार के इन वादों को भी अब जुमलों के रूप में देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
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