द्वादश ज्योतिर्लिंग हीरेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा 20 अगस्त से ….देखें वीडियो

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बीकानेर। मंदिर बनवाने जैसे पुण्यायी कर्म का सौभाग्य माता-पिता के आशीर्वाद व गुरुकृपा से ही सम्भव होता है। यह उद्गार मंगलवार को पूगल रोड स्थित नवनिर्मित हीरेश्वर महादेव मंदिर में धर्मपरायण वृद्धा तुलसीदेवी गहलोत ने पत्रकारों के समक्ष प्रकट किए। तुलसीदेवी ने बताया कि उनके पति हीरालालजी गहलोत की स्मृति में भगवान शिव के भव्य मंदिर का निर्माण करवाया गया है। लगभग बीस वर्ष पूर्व इस मंदिर की नींव स्वयं हीरालालजी गहलोत द्वारा रखी गई थी, पांच वर्ष कार्य चलने के बाद कुछ समय काम रुका रहा, लेकिन निर्माण कार्य ने गति पकड़ी तो यह मंदिर आपके सम्मुख है।

यह है आयोजन :

प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए विष्णु गहलोत ने बताया कि तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 20 अगस्त को प्रायश्चित कर्म, मण्डप पूजन, जलाधिवास सुबह 11.30 बजे से प्रारंभ होंगे।

21 अगस्त को देवार्चन यज्ञ एवं 22 को नित्यार्चन यज्ञ होगा, इसी दिन डूडी पेट्रोल पम्प के पीछे स्थित ब्रह्मसागर मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ होकर नवनिर्मित मंदिर पहुंचेगी जहां दोपहर 3 बजे प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। 23 अगस्त को पूर्णाहुति यज्ञ साथ ही प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव की पूर्णाहुति संपन्न होगी।

यह है भव्यता :
आयोजन से जुड़े बंशी गहलोत ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य की भव्यता मंदिर में की गई कारीगरी में देखने को मिलेगी। मकराना के संगमरमर से बने इस मंदिर में जगन्नाथपुरी के कारीगरों ने अपना कला-कौशल दिखाया है। शिव लीला, डांडिया नृत्य, शोभा यात्रा दृश्य, भगवान गणेश, नन्देश्वर, नाग-नागिन, भगवान शिव द्वारा गंगा अवतरण, कैलास पर्वत पर देवदर्शन, नटराज, त्रिमुख अवतार, कमल पर विराजित शिव दर्शन, शिव विवाह तथा राजा दक्ष के वध सहित सभी लीलाओं को निज मंदिर की चारों दीवारों पर बहुत कलात्मक रूप से उकेरा गया है। सवा चार बीघा में बना यह मंदिर वर्तमान में बने मंदिरों में भव्यतम है।

मंदिर बनाने की जानकारी देते हुए गोपाल गहलोत बताते हैं कि उनके पिता भगवान शिव के परम भक्त थे। मात्र 14-15 वर्ष की आयु से उन्हों शिव-भक्ति शुरू कर दी थी। एक समय भोजन के साथ ही शिव नाम जप में ही उनका अधिकांश समय व्यतीत होता था। गायों की सेवा, गरीब बच्चों को भोजन तथा शिव पूजन उनकी जीवनचर्या थी हीरालालजी ने श्रावण पूर्णिमा को ही अंतिम सांस ली।

आयोजन से जुड़े विष्णु गहलोत ने बताया कि महामंडलेश्वर प्रेमानन्दजी, शिवसत्यनाथजी तथा संवित् सोमगिरिजी महाराज के पावन सानिध्य में होने वाले इस आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलेट, सांसद करणसिंह यादव, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी सहित अनेक गणमान्यों ने शिरकत करने की स्वीकृति दी है।

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