‘द्रविड़ योद्धा’ एम. करुणानिधि का निधन

2537

चेन्नई। तमिलनाडु के पांच बार मुख्यमंत्री रहे और ‘कलाईनार’ के नाम से मशहूर डीएमके के प्रेजिडेंट मुथुवेल करुणानिधि का मंगलवार शाम चेन्नै के कावेरी हॉस्पिटल में 94 साल की अवस्था में निधन हो गया।

द्रविड़ आंदोलन की उपज एम. करुणानिधि अपने करीब 6 दशकों के राजनीतिक करियर में ज्यादातर समय राज्य की सियासत के एक ध्रुव बने रहे। वह 50 साल तक अपनी पार्टी डीएमके के प्रेजिडेंट रहे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी एम. करुणानिधि तमिल भाषा पर अच्छी पकड़ रखते थे। उन्होंने कई किताबें, उपन्यास, नाटकों और तमिल फिल्मों के लिए संवाद लिखे। तमिल सिनेमा से राजनीति में कदम रखने वाले करुणानिधि करीब छह दशकों के अपने राजनीतिक जीवन में एक भी चुनाव नहीं हारे। करुणानिधि के समर्थक उन्हें प्यार से ‘कलाईनार’ यानी ‘कला का विद्वान’ कहते हैं।

करुणानिधि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और बुढ़ापे में होने वाली कई बीमारियों से पीड़ित थे। करुणानिधि के ब्लड प्रेशर में गिरावट आने के कारण शनिवार रात को चेन्नै के कावेरी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। शुरुआती इलाज के बाद उनका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में कर लिया गया था।

डॉक्टरों का कहना है कि करुणानिधि की एक स्वस्थ जीवन शैली थी। वह सुबह जल्दी उठ जाते थे और योग करते थे। वह काफी पैदल चलते थे और सामान्य भोजन करते थे। वर्ष 2016 के बाद उन्हें कई बार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। पीठ और पैरों में दर्द के कारण वर्ष 2009 में उनकी सर्जरी हुई थी। दिसंबर 2016 में उनकी श्वासनली का ऑपरेशन हुआ था ताकि वह अच्छे से सांस ले सकें। उनके पेट के अंदर एक ट्यूब भी डाली गई थी ताकि पोषक खाद्य पदार्थ और दवाएं सीधे उनके पेट में डाली जा सकें। पिछले एक साल से वह घर से बहुत कम निकल रहे थे और लोगों से उनका मिलना-जुलना कम हो गया था। उनका ट्यूब बदलने के लिए 19 जुलाई को उन्हें कावेरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शाम को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

करुणानिधि के हॉस्पिटल में भर्ती कराए जाने के बाद से ही हजारों की संख्या में डीएमके के कार्यकर्ता अपने प्रिय नेता के लिए दुआओं में जुटे हुए थे। उन्हें उम्मीद थे कि कलाईनार मौत को मात देकर एक बार फिर उनके बीच होंगे। हाथों में करुणानिधि की फोटो लिए प्रशंसकों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बड़ी संख्या में महिला प्रशंसक भी करुणानिधि के स्वास्थ्य के लिए दुआ करने पहुंची थीं।

अपना उत्तर दर्ज करें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.