ट्रम्प की दादागिरी : भारतीय आव्रजकों के साथ हो रही बदसलूकी

2456

अस्टोरिया (अमेरिका)। अमेरिका में शरण मांग रहे 50 से ज्यादा अवैध भारतीय आव्रजकों के साथ जेल में अपराधियों की तरह सलूक किया गया है और उनकी पगड़ी भी ले ली गयी है। इन बंदियों को कानूनी मदद कर रहे लोगों ने उनकी हालत के बारे में बताया है। ट्रंप प्रशासन के विवादास्पद ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति में फंसे इन आव्रजकों को ओरेगांव के एक संघीय जेल में रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति की वजह से इस साल 19 अप्रैल से 31 मई के बीच तकरीबन 2,000 बच्चों को उनके अभिभावकों से अलग कर विभिन्न आश्रय स्थलों में रखा गया है। हालांकि विरोध प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विवादित फैसले को कार्यकारी आदेश के जरिए पलट दिया। इन बंदियों को मदद पहुंचा रही प्रो. नवनीत कौर ने बताया, आप जब वहां जाते हैं तो यह देखकर बहुत दुख होता है कि बच्चोंं को वहां रखा गया है, आपको हैरानी होती है कि उनके साथ अपराधियों सा बर्ताव होता है।

उन्होंने अपराध नहीं किया है, उन्होंने सीमा पार की है और उन्होंने शरण मांगी है और यह इस देश में एक कानून है।’ शेरिडान में कुल 123 अवैध प्रवासियों में सबसे ज्यादा भारतीय हैं। कुल 52 भारतीय में अधिकतर पंजाबी बोलने वाले और सिख हैं। इन बंदियों को जंजीरों में कैद कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘हाथों में हथकड़ी और जंजीर से जकड़े होने के बीच ही उन्हें खाना दिया गया। दुर्दांत अपराधियों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं होता।

सिख बंदियों की स्थिति बहुत खराब है। जेल के भीतर उनकी पगड़ी भी ले ली गयी। सिर पर कपड़े का एक टुकड़ा तक रखने नहीं दिया गया। नवनीत ने कहा, ”उनकी पगड़ी ले ली गयी। एक ऐसे देश में जहां हर किसी को अपना धर्मपालन करने का अधिकार है, वहां उन्हें पगड़ी भी पहनने का हक नहीं है। हाल में सान फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अपने अधिकारियों को इन बंदियों से मिलने के लिए भेजा था। लेकिन, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या इन भारतीय नागरिकों ने उन्हें वापस वतन भेजने के लिए भारत सरकार की मदद स्वीकार की या नहीं।

अपना उत्तर दर्ज करें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.