खाजूवाला SDM का ऑडियो वायरल, अन्नदाताओं के सर फूटने पर कार्यवाही की बात, कहा बम थोड़े ही रखा है, सुने ऑडियो

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अन्नदाता किसानों के लिए वसुंधरा राजे सरकार बहुत सी घोषणाएं कर रही हैं साथ ही कोशिश भी हो रही है कि अन्नदाताओं को लाभ मिले, लेकिन लगता है राजफेड और जिला स्तर पर बैठे अधिकारियों को सरकार की मंशा से कोई सरोकार नहीं है। जी हां, खाजूवाला की मंडी में जो कुछ हुआ वह इसी की बानगी भर है, जब शिकायत की गई तो कहा गया अवैध माल ही तो आया है कोई बम थोड़ी है। इतना ही नहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष ने भी मामले को रफ़ा-दफा करने की सिफारिश की।

राजफैड द्वारा समर्थन मूल्य पर सरसों और चने की खरीद की जा रही है। सुबह 9:00 बजे से शाम 9 बजे तक किसानों के माल की एंट्री का समय तय है, लेकिन इस सबसे अलहदा धन्ना-सेठो के लिए चोरी छुपे रात को 1:30 बजे तक माल उतारा जाता है। इस बार जब ऐसा वाकिया हुआ तो अन्य किसानों को पता चल गया। हंगामा बढ़ता देख क्रय विक्रय सहकारी समिति, खाजूवाला बाकायदा लिखित में दे देती है कि यह माल उन्होंने नहीं मंगवाया, जाने कौन डाल गया है।

ऐसे जवाब पर शिकायत SDM को की जाती है, SDM से फोन पर बात होती है, SDM यह कह कर पल्ला झाड़ने कि कोशिश कृते हैं कि क्या करें उनकी जिम्मेदारी तो कानून व्यवस्था की है, कोई बम थोड़े ही रख गया।जवाब से हताश किसान नेता हेतराम कहते हैंं कि आखिर किस से कहेंं, चोरी और सीनाजोरी हो रही है।

SDM के जवाब से निराश किसान जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन देते है। इसी मुद्दे पर किसान आज खाजूवाला में धरने पर भी हैं।

लेकिन इस सबके बीच पूरे मामले की को रफा-दफा करने के लिए भाजपा के जिला अध्यक्ष सहीराम दुसाद भी किसान संघ के पदाधिकारियों से बात करते हैं, वह तो यहां तक कह देते हैं कि कोई बात नहीं, माल को सीज करने की कोशिश मत कीजिए, मैं इन्हीं लोगों के सहयोग से कृषि मंडी का चेयरमैन बना, इसलिए रहने दीजिए।

है ना कमाल, अन्नदाता परेशान हैं और नेता और अधिकारी अपनी गोटिया बैठा रहे हैं। कमाल यह भी है कि शिकायत करने वाले किसान भी भाजपा के ही कार्यकर्ता हैं, किसान संघ से जुड़े हैं, बावजूद इसके इनकी भी सुनवाई करने वाला कोई नहीं।

अब देखना यह है कि क्या इस पूरे मामले की जांच कलेक्टर, संभागीय आयुक्त गंभीरता से करवाएंगे।किसान संघ से जुड़े शंभूसिंह कहते हैं कि कलेक्टर ने आश्वासन दिया है, उम्मीद है कुछ हो जाए, हम आज धरने पर बैठ रहे हैं, इस तरह से खराब माल को आधी रात को एंट्री करवा पूरे दामों पर लिया जा रहा है और प्रशासन है कि उसके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।

Khabar the news की कोशिश यही है कि अन्नदाता की गुहार सरकार तक पहुँचे। आखिर मेहनतकश किसान कब तक यूंं ही धन्नासेठों-नेताओं और अधिकारियों के बीच चक्करघिन्नी बन ठगा जाता रहेगा।

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