किसान अधिकार यात्रा : तीसरा चरण सहनीवाला से

किसान अधिकार यात्रा के तीसरे चरण की शरुआत आज लूनकरणसर विधानसभा के सहनीवाला गांव से की गई।

यात्रा को संबोधित करते हुए यात्रा संयोजक व कांग्रेस के पीसीसी सदस्य डॉ. राजेंद्र मूंड ने कहा कि किसानों के संघर्षों को हमें एक होकर तेज करना होगा, वर्तमान में किसान आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। हिंदुस्तान की सरकार ने पूंजीपतियों का कर्जा माफ किया है लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ।

स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का वादा किया था मोदीजी ने

प्रधानमंत्री ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था लेकिन किसानों के हित साधने वाली उस रिपोर्ट को आज तक लागू नहीं किया गया। समर्थन मूल्य पर किसानों की फसलें नहीं खरीदी जा रही है। ये सब तभी संभव होगा, जब किसानों की व्यापक एकता होगी। डॉ मुंड ने किसानों से 1 से 10 जून तक देशव्यापी “गांव बंद में एकजुट रहने की अपील की तथा दूध, सब्जियों व अनाज मंडियों को न भेजने का आग्रह किया।

सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता महिपाल सारस्वत ने कहा कि आजादी के बाद से हुकूमत ने किसानों की कभी सुध नहीं ली, देश के किसान आत्महत्या कर रहे हैं और प्रधानमंत्री चुप हैंं, देश के कृषिमंत्री किसान की आत्महत्याओंं पर मजाक बना रहे हैंं। हमारे प्रदेश सरकार भी किसानों को लेकर संवेदनहीन है, अब मुल्क की नौजवान पीढ़ी को जागना होगा तभी सुधार संभव है।

इस मौके पर पीसीसी सदस्य आशाराम सारण, रोझा सरपंच भंवर रोझ , पूर्व सरपंच कालूराम ज्यानी. पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव दीपक शर्मा, युवा कांग्रेस लोकसभा महासचिव जगदीश गोदारा, तेजपाल बेनीवाल, राजेंद्र बिश्नोई, सतपाल कड़वासरा व आत्माराम बिश्नोई सहित तमाम किसानगणों की उपस्थिति रही।

यह यात्रा सहनीवाला के बाद आज रोझा, फूलदेसर, कांकड़वाला तथा ढाणी लक्ष्मीनारायणसर पहुँची।यात्रा के दौरान किसान मांग पत्र भी भरवाए गए। गौरतलब है किसान अधिकार यात्रा की शुरुआत 14 अप्रैल 2018 को बाबा साहेब की 126जयंती क पर गांव साबनियांं से की गई जो पांच चरणोंं में पूर्ण होगी ।

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