अंत्योदय एक्सप्रेस : दो की बजाय साढ़े दस घंटे में पहुंचेंगे रतनगढ़

कई जिलों के जनप्रतिनिधियों को खुश करने की कोशिश

बीकानेर। दो केन्द्रीय राज्यमंत्रियों की मौजूदगी में शुरू हुई बीकानेर-बिलासपुर-बीकानेर अन्त्योदय एक्सप्रेस बीकानेर के बाशिन्दों के लिए फायदेमंद नजर नहीं आ रही है। बीकानेर से इस ट्रेन में बैठे यात्री को बिलासपुर पहुंचने में अपने कीमती साढ़े आठ घंटें ज्यादा गंवाने होंगे।

इस गाड़ी के टाइमटेबल के अनुसार साप्ताहिक अन्त्योदय एक्सप्रेस यहां बीकानेर रेलवे स्टेशन से बुधवार सुबह 7.15 बजे रवाना होगी और शाम 5.40 मिनट पर रतनगढ़ पहुंचेगी। इस दौरान यह ट्रेन सूरतगढ़, हनुमानगढ़, नोहर, तहसील भादरा, सादुलपुर, चूरू और फिर रतनगढ़ पहुंचेगी। यानि बीकानेर से चला यात्री लगभग साढ़े दस घंटों में रतनगढ़ पहुंचेगा। जिस यात्री को बीकानेर से बिलासपुर जाना होगा तो वह यहां से किसी भी अन्य साधन से सीधा रतनगढ़ पहुंचकर ही इस ट्रेन को पकड़ लेगा। उसे हनुमानगढ़, सादुलपुर, चूरू होते हुए जाने की जरूरत ही क्यों है?

लोगों के अनुसार यह अन्त्योदय एक्सप्रेस हनुमानगढ़ से ही चलनी थी लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते रेलवे अधिकारियों ने इसे बीकानेर से शुरू किया है। ऐसा करने के पीछे मंशा भी राजनीतिक लाभ लेने की ही है। क्योंकि इस वर्ष के अंत में प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं और आगामी वर्ष के मध्य में लोकसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ पार्टी दोनों चुनावों में लाभ लेने की कोशिशों में है।

अन्त्योदय एक्सप्रेस ट्रेन को बीकानेर रेलवे स्टेशन से रवाना कर भाजपा ने कई सांसदों और कई जिलों के विधायकों को जनता के बीच वाहवाही लूटने और वोट मांगने का एक और मुद्दा हाथ में दिया है। जबकि यह ट्रेन बीकानेर से जयपुर, सवाई माधोपुर और बिलासपुर जाने वाले यात्रियों के लिए औचित्यहीन है।

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