बीकानेर। स्थानीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान पर आयोजित किया जा रहा राजस्थान डिजिफेस्ट निश्चित ही सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार दिलवाने और विज्ञान से परिचित करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है लेकिन इसके आयोजकोंं की कार्यशैली व इंतजामों पर अब सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल पोलोटेक्निक कॉलेज में लगाये गये विशाल डिजिफेस्ट के आयोजकों ने यहाँ कार्य करने वाले श्रमिकों/कर्मचारियो के लिए शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जिसके चलते बड़ी संख्या में यहाँ कार्यरत श्रमिक/कर्मचारी रोजाना खुले में शौच जाने के लिए मजबूर है।
एक अनुमान के मुताबिक ओसतन 300 कर्मी पिछले एक महीने से रोजाना सुबह भाभा छात्रावास परिसर तथा महिला पॉलिटेक्निक के बीच लगभग डेढ़ लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैले झाड़ियों से अटे मैदान में खुले में शौच के लिए जा रहे हैं।
हालांकि नाम मात्र के लिए यहांं एक मोबाइल शौचालय जरूर रखा गया है लेकिन इसका उपयोग कोई नही करता। यह सब अधिकारियोंं की आंखों के नीचे धड़ल्ले से हो रहा है। इस मैदान के इर्दगिर्द ना केवल दोनों पॉलिटेक्निक कॉलेज और डूंगर कॉलेज हैं बल्कि दो तरफ सादुलगंज और जेएनवी नगर जैसी बड़ी कॉलोनियां भी हैंं। ऐसे में स्वच्छ भारत अभियान को तो ठेंगा दिखाया ही जा रहा है वहीं लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी हो रहा है।
–विवेक आहूजा की रिपोर्ट











