गुरु पूर्णिमा इसी महीने हैं और उस्ताद अली अकबर खान के शिष्य पं. जसकरण गोस्वामी की पूण्यतिथि भी। बीकानेर के प्रसिद्ध सितारवादक पं. गोस्वामी जब बतरसी करते तो तय करना मुश्किल होता कि यह शहर जसकरणजी में रचा-बसा है या जसकरणजी इस शहर में।
वैसे तो गोसाईंयों को जन्मजात कला-रसिक माना जाता है लेकिन जसकरणजी की बात अलग थी। गोसाईंयों के लिए प्रसिद्ध है कि शादी होने के बाद वे अपनी प्रतिभा को खूंटी टांग भूल जाते हैं लेकिन जसकरणजी के लिए जब तक संभव रहा, वे रियाज करते रहे। अपने को लेकर बेहद संकोची जसकरणजी ने खुद को कभी ‘प्रमोट’ नहीं किया बावजूद इसके जैसे-तैसे भी कहीं उनकी ख्याति पहुंचती, देश भर में बुलाए जाते और मान दिया जाता।
ऐसे पं. जसकरण गोस्वामी की स्मृति में 25 जुलाई, बुधवार को एक सांगीतिक सत्संग आयोजन उनके दोनों बेटों सरोदवादक अमित गोस्वामी, सितारवादक असित गोस्वामी ने कलारसिक टीएम लालाणी और कलाप्रेमी अनिल दूबे (मंडल रेल प्रबंधक) के होते रेलवे के सहयोग से रखा है।
टीएम ऑडिटोरियम, गंगाशहर में शाम 6.30 होने वाले इस आयोजन में राजस्थान से खास वासता रखने वालीं और अब विदेश में बसी गायक और नृत्यांगना कणिका पाण्डेय अपने गायन से शहर के रसिकों को कृतार्थ करेंगी।
जयपुर के संगीताचार्य पं शिवशंकर पांडे के घर जन्मी कणिका को संगीत का माहौल बचपन से मिल गया, पिता के सान्निध्य में अपनी प्रतिभा को तराशने के बाद कणिका ने विश्व प्रसिद्ध संगीत विद्वान द्वय पंडित राजन−साजन मिश्रा का शिष्यत्व ग्रहण कर लिया।
कणिका की गायन शैली में परंपरा और प्रयोग का अद्भुत मिश्रण है। अपने गुरुओं से प्राप्त हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्राचीन परंपरा को अक्षुण रखते हुए भी कणिका ने अपनी एक गायन शैली विकसित की है।
देश-विदेश में कई प्रस्तुतियां दे चुकीं और अनेक पुरस्कारों-सम्मानों समादृत कणिका राजस्थान विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक के साथ संगीत में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त प्रवीण गायिका होने के साथ साथ कथक नृत्य में भी निपुण हैंं, पं. गिरधारी महाराज और पं. राजेन्द्र गंगानी जैसे गुरुओं के प्रशिक्षण में कणिका ने अपनी नृत्य कला को निखारा।
ऑस्कर से सम्मानित हॉलीवुड निर्देशक ऑस्कर बर्नार्डो बर्तोलुची के निर्देशन में बनी फिल्म ‘द लिटिल बुद्धा’ में ‘क्वीन महामाया’ जैसा महत्त्वपूर्ण रोल अदा करने अलावा कणिका ने उस्ताद जाकिर हुसैन और रुइची साकामोटो के संगीत निर्देशन में बनी फिल्म में पार्श्व गायन भी किया है।