मौजूदा आइटी कानून में भी किया जा सकता है बदलाव
इन्टरनेट मीडिया को जिम्मेदार बनाने के लिए सरकार की कवायद


#KAMAL KANT SHARMA / BHAWANI JOSHI www.newsfastweb.com
बीकानेर। तेजी से बदल रहे इंटरनेट मीडिया को जिम्मेदार बनाने के लिए सरकार नया कानून लाने की तैयारी में है। सरकार का मानना है कि अभी इंटरनेट मीडिया में जिम्मेदारी का भाव नहीं है। इन पर जो कंटेंट पोस्ट होते हैं, उन्हें लेकर जवाबदेही तय करने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष, 2021 में ट्विटर जैसे इंटरमीडियरीज को जवाबदेह बनाने के लिए सरकार आइटी नियम लाई थी। उसके बाद कुछ सुधार तो हुए लेकिन अभी भी इंटरमीडियरीज के साथ-साथ यूट्यूब, आनलाइन चैनल्स जैसे कई मामलों में जवाबदेही का अभाव है। लिहाजा कानून को और सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रानिक्स व आइटी मंत्रालय ऐसा कानून लाने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत साइबर सुरक्षा, इंटरनेट मीडिया की जिम्मेदारी व सुरक्षित इंटरनेट से जुड़े नियम होंगे। डाटा सुरक्षा को भी इस नए कानून के दायरे में लाया जाएगा। अभी देश में डाटा सुरक्षा को लेकर कोई नियम-कानून नहीं है। इस वजह से वाट्सएप जैसे प्लेटफार्म की दलील होती है कि जब डाटा सुरक्षा को लेकर कोई कानून ही नहीं है तो वे किस कानून का पालन करें।
सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले कंटेंट को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले कंटेंट को लेकर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। इस दिशा में काम शुरू हो गया है लेकिन अभी इसकी समय सीमा नहीं बताई गई है। सरकार आस्ट्रेलिया व दक्षिण कोरिया जैसे देशों में बनाए गए डाटा सुरक्षा व सोशल मीडिया कानून को भी खंगाल रही है। प्रस्तावित कानून के तहत अगर इंटरनेट मीडिया या इंटरमीडियरीज के प्लेटफार्म पर चलने वाले कंटेंट की विश्वसनीयता को कोई चुनौती देता है और कंपनी उस चुनौती को गलत साबित नहीं कर पाती है तो उस प्लेटफार्म के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।