धरना, प्रदर्शन, धार्मिक कार्यक्रमों, मेलों जैसे आयोजनों पर रोक जारी
कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए सरकार हुई सख्त
सार्वजनिक कार्यक्रमों के सुपर स्प्रेडर इवेंट में बदलने की व्यक्त की आशंका
बीकानेर। सार्वजनिक, सामाजिक, राजनैतिक, मनोरंजन संबंधी, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह, त्योहारों तथा भीड़-भाड़ संबंधी आयोजनों, जुलूस, मेलों एवं हाट बाजारों पर प्रतिबंध को आगे भी जारी रखे जाने के सरकार ने निर्देश दिए हैं।
प्रमुख शासन सचिव, गृह, अभय कुमार ने इस संबंध में 10 जुलाई,2021 को जारी आदेश का हवाला देते हुए सभी जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है कि सार्वजनिक स्थानों पर आमजन द्वारा कोविड उपयुक्त व्यवहार एवं कोरोना प्रोटोकॉल की अनुपालना का अभाव कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। संक्रमण अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, इसलिए कोविड-19 संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जावे कि किसी भी प्रकार के भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रम यथा धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैलियों आदि का आयोजन ना हो।
समस्त जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस आयुक्त को नो-मास्क, नो-मूवमेंट की सख्ती से पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रतिष्ठान, बाजार या आमजन आदि द्वारा कोविड उपयुक्त व्यवहार के मानदंडो का पालन नहीं किया जाता है तो प्रशासन द्वारा उनके विरूद्ध उपयुक्त कार्यवाही की जाए।
प्रदेश में कोविड-19 महामारी के संक्रमण में कमी को देखते हुए विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंधों के साथ आमजन की सुविधा एवं वस्तुओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक गतिविधियों के संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के पॉजिटिव मामलों में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां अभी भी दैनिक पॉजिटिव मामलों में वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए गृह विभाग ने वर्तमान में पूरी तरह सजग रहने एवं सावधानी बरतने के साथ कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालना करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं इण्डियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) तथा नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने भी ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के सुपर स्प्रेडर इवेंट में बदलने की आशंका व्यक्त की है।
गौरतलब है कि कोविड की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने के बाद प्रदेश में कोरोना प्रोटोकाल की पालना करने में लोगों ने ढील बरतनी शुरू कर दी। कोरोना के प्रति ये लापरवाही ही पिछली बार भी मुसीबत का बायस बनी थी और इस बार भी ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। अगर हालात बिगड़े तो लॉकडाउन लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।